zarahatkeblog.com
Intezaar... - zarahatkeblog
तेरे इंतेज़ार में यूँ लम्हे बीते है जैसे सादिया सिमट गये कुछ पलों में दिल की धड़खाने बँध पढ़ गयी उदार की साँसों ख़तम होने पे है खामोश मंज़र के बीच में मैं घूम्शुदा अकेले खो गये हूँ जैसे गहरे सॅनाटॉ में आसूओ की चीखें ऐसे दीवानगी चरम सीमा पे है मौत तो एक बार …