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हम-तुम ‘लेखक – रमानाथ अवस्थी’
हम-तुम लेखक – रमानाथ अवस्थी जीवन कभी सूना न हो, कुछ मैं कहूँ कुछ तुम कहो, तुमने मुझे अपना लिया, यह तो बड़ा अच्छा किया, जिस सत्य से मैं दूर था, वह पास तुमने ला दिया !! अब ज़िन्दगी की धार में,…