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बाबर की विरासत को भारत में कौन ढो रहे हैं  - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री आख़िर बिल्ली थैले से बाहर आ ही गई । लेकिन इसमें बिल्ली का दोष नहीं । यदि अब भी थैले में ही रहती तो दम घुटने से ही मर जाती ।