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“गृहस्थ आश्रम सुख का धाम कब होता है?” - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
-मनमोहन कुमार आर्य, हमें मनुष्य जीवन परमात्मा से मिलता है। हमारा परमात्मा सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, सृष्टि का कर्ता, धर्त्ता व