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वाह ताज  - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
वाह ताज ..... एक शहंशाह का श्वान प्रेम ! .... ताज पर तकरार जारी। .. इक शहंशाह ने बनवा के हसीन ताज महल हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक ..... प्यार