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अपने शरीर की रक्षा के लिए मनुष्य को हर समय सावधान रहना चाहिये - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह शरीर हमें परमात्मा से मिला है। यह शरीर हमारी आत्मा का साधन है। यह ऐसा साधन है जिसके द्वारा हम अर्थात् हमारी आत्मा बोल सकती है,