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वे किसी सत्ता की महत्ता के मुँहताज नहीं ! - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
(मधुगीति १८०७१२) गोपाल बघेल ‘मधु’ वे किसी सत्ता की महत्ता के मुँहताज नहीं, सत्ताएँ उनके संकल्प से सृजित व समन्वित हैं;