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भारत में अभी भी पकौड़े और चाय में बहुत स्कोप है साहब  - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
"साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार सार को गहि रहै थोथा दे उड़ाय।। " कबीर दास जी भले ही यह कह गए हों, लेकिन आज सोशल मीडिया का जमाना है जहाँ किसी भी बात पर