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मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
- ललित गर्ग जैन धर्म में संथारा अर्थात संलेखना- ’संन्यास मरण’ या ’वीर मरण’ कहलाता है। यह आत्महत्या नहीं है और यह किसी प्रकार का अपराध भी नहीं है बल्कि यह