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चाँद की भी चमक - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
चाँद की भी चमक मैं चुरा लाऊंगा तुझसे ज्यादा चमकता दिखा जो मुझे, इत्र की भी महक मैं दबा आऊंगा तुझसे ज्यादा महकता मिला जो मुझे, मांग साँझ के सूरज से लाली