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सनातन दर्शन में - ' प्रेम ' - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
सबमे एक परमात्मा को तत्व रूप में विराजमान देखता है,सब भूतो को अपने विभिन्न अंगो की तरह देखता है वही यथार्थ देखता है ! सीया राम मय सब जग जाना ! हर रूप में