pravakta.com
रोम रोम में हमारे ओम भर जाये - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
हे प्रभु ज्ञान दाता,ज्ञान हमको दीजिये | शीघ्र हमारे दुर्गणों,को दूर हमसे कीजये || लीजिये हमको शरण में,हम सदाचारी बने | ब्रह्मचारी धर्म रक्षक और वीर