pravakta.com
न्याय की धीमी गति पर खड़े हुए सवाल  - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
ललित गर्ग देश में कानून प्रक्रिया की धीमी एवं सुस्त गति एक ऐसी त्रासदी बनती जा रही है, जिसमें न्यायालयों में न्याय के बजाय तारीखों का मिलना, केवल पीड़ित