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राजनीतिक दलों की मतभिन्नता देश के लिए एक अभिशाप - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
राकेश कुमार आर्य लोकतंत्र मतभिन्नता की अनुमति इसलिए देता है कि अंत में सब पक्षों में मतैक्यता हो जाये। किसी भी विषय में गुणावगुण पर सब पक्ष खुलकर बहस करें