pravakta.com
कविता/अबोध बच्‍चा - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
अबोध बच्चा कल मिला मुझे अबोध बच्चा एक आंखों में आंसू होंठों पर सिसकियों के साथ न जाने उसका अपना कौन, क्या कहां गुम था ? सुनाई पड़ रही थी उसके रोने की