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कविता : धिक्कार - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
विभूति राय प्रकरण की नजर एक छोटी सी कविता -लीना धिक्कार थू- थू की हमने थू- थू की तुमने जिसे मिला मौका गाली दी उसने ऐसे संस्कारहीनों को हटाओ नजर से गिराओ।