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एक मेला, अलबेले परिंदों के नाम - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
अरुण तिवारी पक्षी बन उड़ती फिरूं मैं मस्त गगन में, आज मैं आज़ाद हूं दुनिया के चमन में..... आसमान में उड़ते परिंदों को देखकर हसरत जयपुरी ने फिल्म चोरी-चोरी के