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न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्धाः॥ वृद्ध जनों का योगदान भा. (१)  - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
डॉ. मधुसूदन सूचना: इसआलेख को *वे न दुखडा गाएंगे, न तुम अनुमान कर पाओगे* आलेख के बाद पढें. सारांश: * कोई प्रेम से चाय पिलाता है, तो चाय से अधिक पिलानेवाले