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नींद नैन में बस जाती है - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
नींद हमे जब ना आती है चलती घड़ी रुक सी जाती है। कलम उठाकर लिखना चाहूँ भूली बीसरी याद आती है। कलम जब कभी रुक जाती है नींद कंहा फिर तब आती है।