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मेरे लफ़्ज तुझसे यकीं माँगें - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
शालिनी तिवारी झुरमुट में दिखती परछाइयाँ घुँघुरू की मद्दिम आवाज लम्बे अर्से का अन्तराल तुझसे मिलने का इन्तजार चाँद की रोशन रातों में पल हरपल थमता जाए ऐसा