pravakta.com
 कतार में जीवन  ... !! - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
तारकेश कुमार ओझा ​ आज कल मनः स्थिति कुछ ऐसी बन गई है कि यदि किसी को मुंह लटकाए चिंता में डूबा देखता हूं तो लगता है जरूर इसे अपने किसी खाते या दूसरी