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क्यों न स्त्री होने का उत्सव मनाया जाए - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
स्त्री ईश्वर की एक खूबसूरत कलाकृति ! यूँ तो समस्त संसार एवं प्रकृति ईश्वर की बेहतरीन रचना है किन्तु स्त्री उसकी अनूठी रचना है , उसके दिल के बेहद करीब । इसीलिए तो उसने उसे उन शक्तियों से लैस करके इस धरती पर भेजा जो स्वयं उसके पास हैं मसलन प्रेम एवं ममता से भरा ह्दय , सहनशीलता एवं धैर्य से भरपूर व्यक्तित्व ,क्षमा करने वाला ह्रदय , बाहर से फूल सी कोमल किन्तु भीतर से चट्टान सी इच्छाशक्ति से परिपूर्ण और सबसे महत्वपूर्ण , वह शक्ति जो एक महिला को ईश्वर ने दी है , वह है उसकी सृजन शक्ति ।