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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-66 - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
राकेश कुमार आर्य  गीता का ग्यारह अध्याय और विश्व समाज श्रीकृष्णजी को यह स्पष्ट हो गया था कि अब युद्घ अनिवार्य है और अर्जुन ने गांडीव की डींगें