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‘ज्योति जला निज प्राण की’ - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
जब -जब भारत माता को अपनी ज्योति को ज्योतित रखने के लिए वीरों के प्राण रूपी तेल की आवश्यकता पड़ी है तब इस देश के अनेकों बलिदानियों ने मां भारती की सेवा में