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साक्षात्कार : डॉ. महेश चन्द्र शर्मा - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
कोई चीज़ स्वदेशी है इतने मात्र से ही वह ग्राहीय नही होती हैं।विदेशी होने मात्र से त्याज्य और स्वदेशी होने मात्र से ग्राहीय ऐसा दीनदयाल जी नहीं मानते