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दिल्ली में सरपट दौड़ा भाजपा का विजयरथ - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
दिल्ली महानगर पालिका के चुनाव परिणाम के बाद जैसी आशंका व्यक्त की जा रही थी, वही दिखाई दे रहा है। चुनाव में उपयोग किए जा रहे विद्युतीय मतदान यंत्रों पर फिर से सवाल खड़े होने लगे हैं। सवाल खड़े करने वाले राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपनी हार को हार नहीं मान रहे हैं, बल्कि वह यह बताना चाह रहे हैं कि हमारी हार ईवीएम मशीनों के कारण हुई है। जबकि सत्यता यही है कि जनता ने उन्हें हरा दिया है। इसके अलावा गंभीरता पूर्वक चिन्तन किया जाए तो एक बात और इस हार को प्रमाणित करती हुई दिखाई देती है। अगर हम चुनाव के बाद किए गए सर्वेक्षणों पर दृष्टि डालें तो यह विदित हो जाता है कि सभी सर्वे संस्थाओं ने भारतीय जनता पार्टी को विजय की तरफ जाते हुए बताया था। यह सर्वे संस्थाएं वास्तव जनता की आवाज के आधार पर ही अपना मत व्यक्त करते हैं। इसलिए विद्युतीय मतदान यंत्रों पर सवाल खड़े करना कहीं न कहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आघात ही कहा जा सकता है। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन सर्वे संस्थाओं ने ईवीएम से पूछकर अपना सर्वे नहीं दिया था। यानी जनता ने जो मत व्यक्त किया, वही ईवीएम ने दिखाया।