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मुझे तुम बहुत याद आये - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
आरके रस्तोगी जब जब मुसीबते आई अपनों ही निगाहे फिराई गेरो ने दिया सहारा अपनों ने किया किनारा मै इतनी दुखी हो चली थी आत्म हत्या करने चली थी पर मेरे कदम