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ये जिन्दगी का कैसा है खेल - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
आर के रस्तोगी ये जिन्दगी का कैसा है खेल कोई पास है तो कोई है फेल कोई रोज माल पूए खाता कोई भूखा ही सो जाता कोई ए सी कमरे में सोता कोई फुट पात पर सोता ये