pravakta.com
महीने के चार दिन वो खुद से लड़ती है - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
लेखक : आदर्श गौतम महीने के चार दिन वो खुद से लड़ती है, खुद को अकेला समझती है, तकलीफ में रहती है, रोती है, बिलखती है, पर फिर भी सब झेलती है।। महीने के चार