pravakta.com
गुरु विरजानन्द और ऋषि दयानन्द में परस्पर विद्या के आदान-प्रदान से देश व विश्व को अपूर्व व आशातीत लाभ हुआ - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
मनमोहन कुमार आर्य स्वामी दयानन्द ने अपने गुरु को विद्या का सूर्य कहा है। यह बात वही कह सकता है जो स्वयं विद्या का सूर्य हो और विद्या की सभी बारीकियों व