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गजल:मेरे बाद मुझको ये ज़माना ढूंढेगा - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
मेरे बाद मुझको ये ज़माना ढूंढेगा हकीकत को एक अफ़साना ढूंढेगा। सिर्फ यादों में सिमट जायेगा सफ़र अश्क भी बहने का बहाना ढूंढेगा। खत्म हो जायेगी