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शाम से ही बस तेरी याद आने लगती है - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
आर के रस्तोगी शाम से ही बस तेरी याद आने लगती है |दिल से एक ही आवाज आने लगती है ||होगा मिलन जब ये चाँदनी रात आयेगी |बाते करते करते सारी रात कट जायेगी