pravakta.com
पापा नहीं मानेंगे - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
"खुदा करे इन हसीनों के अब्बा हमें माफ़ कर दें, हमारे वास्ते या खुदा , मैदान साफ़ कर दें ," एक उस्ताद शायर की ये मानीखेज पंक्तियां बरसों बरस तक आशिकों के