pravakta.com
नारी सबलता का सबल आयाम नयनों में आकाश औ मुट्ठी में कला - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
विचार करें तो किसी संज्ञा-सर्वनाम के भीतर पहले से मौजूद सद्गुण, कौशल तथा वृति को उभारना... विकसित करना ही उसका असल सशक्तिकरण है... असली सबलता है। कहने का