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मत करो खिलवाड़ मेरी तन्हाईयों से - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
मत करो खिलवाड़ मेरी तन्हाईयों से,मुझे तन्हा रहने दो |मै अकेला ही आया था इस जहाँ में,मुझे अकेला ही रहने दो ||काटता नही अकेलापन,मुझे अब सकून देता है |कहते