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लगे ना ग्रहण मेरे चाँद को,उसे दिल में छिपा लिया - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
लगे ना ग्रहण मेरे चाँद को,उसे दिल में मैंने छिपा लिया पड़े ना बुरी निगाह राहू-केतू की,उसे नयनों में समां लिया आयेगा जब बुरा वक्त मेरे चाँद पर,लडूंगी आखरी