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इसी गाँव चला आता है । - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
लौट के फिर क्यों इसी गाँव चला आता है ,छोड़ के शहर इसी गाँव चला आता है ।अब तो इस गांव से पतझड़ कभी नहीं जाता ,लेकर आँधी वो इसी गाँव चला आता है ।धर्म , मजहब