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शहर मर भी रहा है - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
हर शहर की सरहद के उस पार से कुछ ठंडी हवाएँ हर बार जरूर आती है अपने साथ सभ्यताओं का एक पुलिंदा भी साथ में गाहे-ब-गाहे जरूर ले आती हैं वही हवाएँ, शहरी हवाओं