pravakta.com
नाजायज़ शोर की बंधुआगिरी - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
किसी भी धर्म का मर्म व्‍यक्‍ति की अंतध्‍वर्नि को जाग्रत करने में निहित है ताकि धर्माचरण के बाद प्रवाहित होने वाली तरंगें व्‍यक्‍ति व समाज में सकारात्‍मक