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केजरीवाल पर आरोप: सच की सभावनाएँ - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
कविवर रहीम का कथन है - रहिमन अँसुआ नैन ढरि, जिय दुख प्रकट करेइ। जाहि निकासौ गेह ते, कस न भेद कहि देइ।। अर्थात् जिस प्रकार