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लघुकथा : बचपन की पूंजी - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
घर में सब लोग साथ बैठकर खाना खा रहे थे। चार साल के बच्चे से लेकर 70 साल के बुजुर्ग सब वहां थे। मां सेब काट कर सबको दे रही थीं। जब उन्होंने चार साल