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बिगड़ते वर्तमान हालात नवयुवकों एवं राष्ट्र के भविष्य के लिए बेहद चिंतनीय है. - Pravakta.Com | प्रवक्‍ता.कॉम
ब हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री किसी मुल्क के राष्ट्राध्यक्ष को गीता भेट की थी और कहा था कि मेरे पास इससे ज्यादा देने को कुछ भी नहीं है और विश्व के पास इससे ज्यादा लेनें को भी कुछ नहीं है. परन्तु आज हमारी युवा पीढ़ी चौबीसो घड़ी सोशल साइट्स पर इतनी व्यस्त है कि उसके पास गीता जैसा नीतिशास्त्र और रामायण जैसा प्रयोगशास्त्र पढ़नें की फुरसत ही नहीं है.