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‘धर्मनिरपेक्षता’ यानी राजनेताओं की ‘वोट बैंक’ की राजनीति
विश्व भर में धर्म निरपेक्षता का अर्थ होता है की राज्य का कोई धर्म नहीं हो, परन्तु दुखद सत्य यह है कि भारत के कई राजनैतिक दल, जो स्वंय को धर्म निरपेक्ष कहते हैं, उन्होंने धर्म-निरपेक्षता के अर्थ को ही बदल डाला है! इन दलों के अनुसार दूसरों को साम्प्रदायिक कहना, विशिष्ट सम्प्रदायों के लिये पक्षपाती कान