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Shrimad Bhagwat Katha:-ऐसा शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा सुनने की परंपरा?
श्रीमद्भागवत कथा (Shrimad Bhagwat) श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य