whitecanvasblackmargins.com
~ माला आराम की…
~ माला आराम की… राधा को हो जैसे श्याम ना मिला, हमको भी काम का कोई काम ना मिला… यहाँ वहाँ मटकियाँ उठाते रहे, डिंगें हाँकते हम बड़बड़ाते रहे… बस इसी आस में सुबह उठ जाते, कोई हमें प्…