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~ और मैं था दोपहर में…
सारा शहर इश्क़ में था, और मैं शहर में, रात आखिरी पहर में, और मैं था दोपहर में… चारों ओर फैली थी ख़ामोशी, और मैं ख़बर में, धूप थी, लू चल रही थी, और मैं था दोपहर में… जमघट में हर कोई …