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~ काना-फुसियाँ…
~ काना-फुसियाँ… चल चलें कहीं, फिर करें वही, काना-फूसियाँ… मैं दूँ उधेड़ कुछ, देना उसे तू बुन, हाँ वही, काना-फूसियाँ… बंद किताब में, सूखे गुलाब सी, काना-फूसियाँ… मैं आऊँ देर …