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~ ख़त…
~ ख़त… हवाओं में आज इक मीठी सी महक है, देखुँ ख़त आया होगा… वो दूर कुछ नज़र आ भी रहा है, धूल भी उड़ रही है, धड़कने अब मेरी बड़ने लगी, मैं भागी भागी इस सोच में थी, बताया नहीं इस बार की आने को हैं, फि…