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~ आयिना…
~ आयिना… ये काग़ज़ पलट के तुम क्या देखते हो, जला देखते हो या कुछ बचा देखते हो… तुम्हारी वो आदत अब भी बदली नहीं है, ख़ुद को तुम वैसा दूजे को बदला देखते हो… तुम्हें याद है बचपन में …