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~ आँच…
सुनो आँच ज़रा धीमी कर दो, चावल देर से पकेंगे, और हम कुछ और देर तलक साथ लिपट लेंगे… कुछ कहना नहीं, आज तुमने फिर पाज़ेब को पहना नहीं, चावलों को धीरे-धीरे पकने दो, कुछ और देर सर रखने दो… थो…